AEPS full form? एइपीएस क्या है, पूरी जानकारी हिंदी में।

AEPS full form:- काफी दिनों से हमने नेट बैंकिंग के बारे में बात नही कि है, इसलिए आज AEPS full form से सम्बंधित जानकारी आप सभी को देंगे, AEPS एइपीएस भी एक बैंकिग से सम्बंधित प्रश्न है, इसके पहले हमने BMW full form in hindi के बारे में जानकारी दी है, लेकिन आज की पोस्ट में हम AEPS full form? तथा एइपीएस क्या है, इन सभी सवालों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

आज के समय हर कुछ संभव है, लोगो के द्वारा इंटरनेट का काफी इस्तेमाल किये जाने लगा है, कई लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करके आधार कार्ड के जरिये, ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करते है, या आधार कार्ड का इतेमाल करके ऑनलाइन आसानी से ट्रांजेक्शन कर लेते है, लिकिन क्या आपने कभी सोचा है, यह सब कैसे होता है, यदि नही तो आपको बता दे की यह सब AEPS के जरिये किया जाता है।

इसीलिए आज के इस लेख में AEPS full form, AEPS क्या है?, इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, AEPS के फायदे , इन सभी सवालों का जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से देने वाल्व है, इसलिए आप सभी से निवेदन है, कि यदि आप लोग भी AEPS full form से जुडी सभी प्रकार की जानकारी पाना चाहते है, तो इस लोग को अंत तक जरुर पढ़े।

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भारत के अन्दर आज के दौर में 5 वर्ष के बच्चो का भी आधार कार्ड बन जा रहा है, लेकिन इसी आधार कार्ड के जरिये कई ऐसे कार्य है, जो जिसके बारे में हम जानकारी देने वाले है, AEPS Full Form:-  “Aadhar Enable Payment System” होता है। हिंदी में इसका मतलब “आधार सक्षम भुगतान प्रणाली” होता है।

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AEPS क्या है? (what is a aeps)

भारत में कुछ सालो पहले ही AEPS का इस्तेमाल काफी किये जाने लगा है, Aadhar Enable Payment System (AePS) एक नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित  सिस्टम है, जो लोगों को आधार नंबर और उनके फिंगरप्रिंट/ आईरिस स्कैन की मदद से वेरिफिकेशन करके माइक्रो-ATM द्वारा वित्तीय ट्रांजेक्शन करने की अनुमति देता है।

AEPS से लेन-देन करना काफी आसान व सुरछित माना जाता है, क्योकि AEPS से पैसे ट्रांसफर करने के लिए ना तो मोबाइल नम्बर की वाश्य्क्र पड़ती है, और ना ही किसी पिन व अकाउंट नम्बर की, इसलिए इसे काफी सुरछित माना जाता है, AEPS के द्वारा लेन-देन करने के लिए केवल आधार नम्बर व फिंगरप्रिंट की आवश्यकता पड़ती है।

इनके बारे में भी पढ़े- 

AEPS के द्वारा कौन-कौन सी सुविधाए मिलती है?

  • यदि आपको पैसे निकना हो तो आपको किसी एटीएम व बैंक में जाने की आवश्यकता नही है, यह काम आप AEPS के द्वारा नगदी निकालना (कैश विड्रॉल) आसानी से कर सकते है।
  • AEPS के द्वारा आधार नम्बर का इस्तेमाल करके नगद राशि जमा कर सकते है।
  • इसका इस्तेमाल करके आसानी से बैंलेस की इंक्वायरी किया जा सकता है।
  • AEPS का इस्तेमाल करने से आधार से आधार को फंड ट्रांसफर करने में आसानी होती है।
  • इसके जरिये आसानी से मिनी स्टेटमेंट निकाला जा सकता है।
  • eKYC – बेस्टफिंगर डिटेक्शन / IRIS डिटेक्शन की प्रकिया को काफी कम समय में किया जा सकता है।

AEPS क्यों लौंच (lounch) किया गया है?

जब से भारत के अन्दर बीजेपी की सरकार आई है, तब से सरकार ने बैंकिंग सुविधाओं से सभी नागरिकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। लेकिन आज के जमाने में भी सभी दूरदराज को गांवों में बैंक शाखायें खोलना संभव नहीं है।

इस प्रकार सरकार AePS के साथ आई है जहां दूर- दराज के लोग आसानी से पैसा भेज व प्राप्त कर सकेंगे, और माइक्रो एटीएम की मदद AEPS का इस्तेमाल करते हुए अन्य वित्तीय और गैर- वित्तीय बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

पिछले कुछ वर्षो में काफी धोखा धडी हुयी, जिनका शिकार हुयी है, गाँव की अनपढ़ महिलाए, इन्ही सब परेशानियों को मद्दे नजर रखते हुए सरकार ने AEPS की सुविधा लागू की है, क्योकि इसके माध्यम से किए गए ट्रांजेक्शन के लिए सबसे फ्रिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है।

हम सभी को पता है, कि हस्ताक्षर जाली हो सकते हैं लेकिन फिंगरप्रिंट जाली नहीं हो सकते। इसलिए इससे ट्रांजेक्शन करना काफी सुरक्षित माना गया है। इसके बाद AEPS के माध्यम से और भी कई कार्य किये जाते है, जैसे-  फंड ट्रांसफर के लिए लोगों को केवल आधार नंबर के रूप में अपने बैंक की पासबुक या डेबिट कार्ड नहीं रखना होगा।

AEPS के द्वारा कितना फंड ट्रांसफर किया जा सकता है?

भारत की सबसे बड़ी व सबसे पपुरानी बैंक आरबीआई के AEPS ट्रांजेक्शन की एक सीमा तय की है, कई सारी ऐसी बैंक है, जो गलत सिस्टम के दुरुपयोग को कम करने के लिए AePS के माध्यम से किए गए ट्रांजेक्शन को रोक दिया है, फिर भी AEPS के द्वारा कुछ बैंको ने मिलकर प्रतिदिन की अधिकतम लिमिट 50,000 रु. तय की है।

AEPS का उपयोग कैसे करें?

AEPS का इस्तेमाल करना काफी आसान है, लेकिन फिर भी इसके प्रोसेस के बाए में जानना आवश्यक है, क्योकि कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे यदि आप ध्यान में नही रखते है, तो आपको काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

  • अपने क्षेत्र के बैंक में यदि आपका अकाउंट नही है, तब भी आप AePS  के माध्यम से ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
  • PoS मशीन में अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
  • ट्रांजेक्शन प्रकार को चुनें – नकद जमा, निकासी, मिनी स्टेटमेंट, फंड ट्रांसफर, बैलेंस इंक्वायरी या eKYC को सेलेक्ट करें।
  • बैंक का नाम चुनें।
  • ट्रांजेक्शन के लिए राशि दर्ज करें।
  • अपने बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट स्कैन) का उपयोग करके ट्रांजेक्शन को प्रमाणित करें।
  • सकें करने के कुछ ही सेकेण्ड के बाद ट्रांजेक्शन पूरा हो जाता है।
  •  बैंकिंग करेसपोंडेंट द्वारा आपको एक रसीद भी दी जाएगी। जिससे आप आसानी से पता लगा सकते है, कि आपके खाते (Account) में और कितने शेष रूपये बचे है।

AEPS का इस्तेमाल करते वक्त महत्वपूर्ण जानकारी-

यदि आप AEPS से लेन-देन कर रहे है, तो आपको कुछ बातो का ध्यान रखना आवश्यक है, जिसके बारे में निचे डिटेल में जानकारी दी गयी है।

  • यदि आप इस सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके बैंक अकाउंट में आपका आधार नम्बर लिंक होना अनिवार्य है।
  • यदि आपके एक बैंक में एक से अधिक अकाउंट हैं तो AePS के तहत केवल प्राइमरी अकाउंट का उपयोग किया जाएगा।
  • AePS के जरिये ट्रांजेक्शन करने के लिए किसी OTP या पिन की आवश्यकता नहीं है।
  • AEPS के द्वारा आधार से लिंक बैंक अकाउंट के बीच ही ट्रांजेक्शन किया जा सकता है।
  • AePS सुविधा प्राप्त करने के लिए कई बैंक अकाउंट को आधार से लिंक किया जा सकता है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रति बैंक केवल एक अकाउंट का उपयोग किया जा सकता है।
  • AePS के माध्यम से किए गए ट्रांजेक्शन का समय हर दिन रात 11 बजे तक होता है।

AEPS के लाभ- 

AEPS इस्तेमाल करने के कई लाभ है, जिसका फायदा पूरा भारत उठा रहा है, आज हम निचे AEPS के कुछ महत्वपूर्ण लाभ के बारे में जानकारी देने जा रहे है, जिसके बाद आपको पूरी तरह से AEPS के लाभ क्या-क्या है समझ में आ जायेंगे।

  • ऑनलाइन बैंकिंग की तरह ही AEPS होता है, जिसके इस्तेमाल से गैर-बैंकिंग ट्रांजेक्शन, बैेंकिंग करेसपोंडेंट के माध्यम से किया जा सकता है।
  • एक बैंक के बैंकिंग करेसपोंडेंट अन्य बैकों के ट्रांजेक्शन भी कर सकते हैं।
  • लोगों को AEPS के माध्यम से ट्रांजेक्शन करने के लिए अपने डेबिट/ क्रेडिट कार्ड को पेश करने का आवश्यकता नहीं पड़ती है।
  • ट्रांजेक्शन प्रमाणीकरण के लिए फिंगरप्रिंट की आवश्यकता होती है जिसे काफी सुरक्षित बनाता है।
  • दूर- दराज के गांवों में लोगों को तुरंत ट्रांजेक्शन करने के लिए माइक्रो PoS मशीनों को दूर के स्थानों पर ले जाया जा सकता है। जिसके फलस्वरूप आसानी से ट्रांजेक्शन किया जा सके।

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी-

 

एइपीएस (aeps) से सम्बंधित पूछे जाने वाले प्रश्न-

  1. AEPS ka full form क्या होता है?

    Ans- aeps का फुल फॉर्म “Aadhar Enable Payment System” होता है।

  2. AEPS full form in hindi?

    Ans- aeps का हिंदी में पूरा नाम “आधार सक्षम भुगतान प्रणाली” है।

  3. AEPS के द्वारा क्या किया जाता है?

    Ans- aeps के द्वारा आधार कार्ड के जरिये पैसे को एक से दुसरे account में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।

  4. AEPS कितना सुरछित है?

    Ans- आज तक के ट्रांजेक्शन में aeps सबसे ज्यादा सुरछित माना गया है, क्योकि इसके लिए आधार नम्बर व फिंगरप्रिंट की जरुरत पड़ती है।

आखिरी शब्द-

भारत के अन्दर पैसे की लेन-देन करना बहुत जोखिम भरा काम है, इसलिए हमने इस पोस्ट की मदद से AEPS full form, AEPS क्या है, इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है, AEPS के फायदे इन सभी के बारे में जानकारी दी है, आप भी आधार कार्ड व फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सके।

यदि आप इस पोस्ट पर विजिट किये है, तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे, ताकि हर किसी को aeps full form से सम्बंधित कई प्रकार की जानकारी पता चल सके, जिसके बारे में हमने इस पोस्ट में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है, और हमारे ब्लॉग www.visiontechindia.com को बुकमार्क करना ना भूले, क्योकि यहाँ पर बिज़नेस आईडिया, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, और ऑनलाइन पैसे कैसे कमाये इन सभी के बारे में जानकारी शेयर की जाती है।

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